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अब्दुल्ला ने कहा, ‘सदियों पहले शंकराचार्य यहां आए थे. वह तब चले जब सड़कें नहीं थीं जंगल थे. वह कन्याकुमारी से कश्मीर तक चले थे. 

 
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जम्मू-कश्मीर के लखनपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए समानताएं बताते हुए, अब्दुल्ला, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्य होने के दौरान मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है, ने कहा कि राहुल गांधी शंकराचार्य के बाद पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक यात्रा की है.

अब्दुल्ला ने कहा, ‘सदियों पहले शंकराचार्य यहां आए थे. वह तब चले जब सड़कें नहीं थीं जंगल थे. वह कन्याकुमारी से कश्मीर तक चले थे. राहुल गांधी दूसरे व्यक्ति हैं जिन्होंने उसी कन्याकुमारी से यात्रा निकाली और कश्मीर पहुंच रहे हैं.’

अस्सी वर्षीय नेता ने आगे कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत को एकजुट करना है.

उन्होंने कहा, ‘इस यात्रा का मकसद भारत को जोड़ना है. भारत में नफरत पैदा की जा रही है और धर्मों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है. गांधी और राम का भारत एक था, जहां हम सब एक थे. यह यात्रा भारत को एक करने का प्रयास कर रही है. इसके दुश्मन भारत, मानवता और लोगों के दुश्मन हैं.’

आदि शंकराचार्य 8वीं शताब्दी के भारतीय रहस्यवादी और दार्शनिक थे, जिन्होंने अद्वैत वेदांत के सिद्धांत दिया और पूरे भारत में चार ‘मठों’ की स्थापना करके हिंदू धर्म को एकजुट करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

इससे पहले कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से की थी.

खुर्शीद ने कहा था, ‘राहुल गांधी महामानव हैं. जब हम ठंड में ठिठुर रहे हैं और जैकेट पहन रहे हैं, तो वह टी-शर्ट (अपनी भारत जोड़ो यात्रा के लिए) में निकल रहे हैं. वह एक योगी की तरह हैं जो फोकस के साथ अपनी ‘तपस्या’ कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘भगवान राम की खड़ाऊ बहुत दूर तक जाती है. कभी जब राम जी नहीं पहुंच पाते हैं, तो भरत खड़ाऊ लेकर जगह-जगह जाते हैं. जैसे हमने उत्तर प्रदेश में खड़ाऊ को ढोया है. अब वह खड़ाऊ उत्तर प्रदेश में पहुंच गया है.’ राम जी (राहुल गांधी) भी आएंगे.

कांग्रेस की बृहस्पतिवार को यात्रा जम्मू एंड कश्मीर में पहुंची. मार्च कठुआ के लखनपुर क्षेत्र में प्रवेश किया है. शाम (गुरुवार) को जब यात्रा आगे बढ़ी तो समर्थक पार्टी के झंडे और टॉर्च लेकर चल रहे थे.

फारुख अब्दुल्ला, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला, शिवसेना (यूबीटी) एमपी संजय राउत ने अलग-अलग जगहों पर यात्रा में हिस्सा लिया.

भारत जोड़ो यात्रा जो कि सितंबर में तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू होकर 30 जनवरी को श्रीनगर पहुंचकर समाप्त होगी.

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