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वर्तमान दौर में राज्यों की विज्ञान परिषदों को सक्रिय करने की जरूरत है। परिषद् के महानिदेशक डॉ अनिल कोठारी ने स्वागत उदबोधन में कहा कि हमारी काउंसिल उन कुछ राज्यों में है, जिसकी विज्ञान नीति है। 

 
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विज्ञान महोत्सव आईआईएफ-2022 के  स्टेट साइंस एंड टेक्नोलाजी कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने देश के प्रत्येक राज्य में स्टेट टेक्नोलॉजी एडवाइजरी बोर्ड बनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि राज्यों की विज्ञान परिषदें विश्व की टेक्नोलॉजी को परिष्कृत करके उन्हें स्थानीयता में परिवर्तित कर जन-सामान्य तक पहुचायें। कॉन्क्लेव, मध्यप्रदेश विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी परिषद के परिसर में हुई।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि हर जिले की लोकल टेक्नोलॉजी का डाटा बेस तैयार करना चाहिये। राज्यों की विज्ञान परिषदों की साल में दो बार बैठक होना चाहिये, जिसमें क्षमताओं और कमियों की समीक्षा भी होना चाहिये।

विज्ञान भारती के राष्ट्रीय सचिव श्री प्रवीण रामदास ने कहा कि राज्यों की विज्ञान परिषदें ताकत हैं,जो जिला स्तर पर विज्ञान प्रसार और छोटे-छोटे विकास और वित्त पोषण में योगदान करती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में राज्यों की विज्ञान परिषदों को सक्रिय करने की जरूरत है। परिषद् के महानिदेशक डॉ अनिल कोठारी ने स्वागत उदबोधन में कहा कि हमारी काउंसिल उन कुछ राज्यों में है, जिसकी विज्ञान नीति है। उन्होंने कहा कि विज्ञान उत्सव के मंच तले पहली बार राज्यों की विज्ञान परिषदों का सम्मेलन किया गया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के एसएसटीपी के प्रमुख डॉ. देवप्रिय दत्ता ने कहा कि विज्ञान परिषदें एसटीआई इको सिस्टम में उत्प्रेरक की भूमिका निभाती हैं। उन्होंने राज्यों की विज्ञान परिषदों के नेटवर्क को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। आईआईटी, मुंबई के प्रो. अग्निहोत्री ने भौगोलिक सूचकांक की चर्चा करते हुए कहा कि विरासत के डॉक्यूमेंटेशन में इसका विशेष महत्व है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सखलेचा ने भौगोलिक सूचकांक और पेटेंट पर प्रकाशित रिपोर्ट का विमोचन किया। स्टेट साइंस एंड टेक्नोलाजी कॉन्क्लेव का समापन 23 जनवरी को होगा।

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