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 उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून के अगले दो हफ्ते बाद पीछे हटने की संभावना है

 
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देश के उत्तर-पश्चिम इलाके में मानसूनी बारिश का सिलसिला पूरे सितंबर तक जारी रह सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के सीनियर अधिकारी ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून के अगले दो हफ्ते बाद पीछे हटने की संभावना है। सामान्य तौर पर देश के इन इलाकों से 17 सितंबर से मानसून खत्म होने लगता है। यानि कि 4 महीने के मानसून सीजन का यह आखिरी हफ्ता है।

उत्तर प्रदेश में इस सप्ताह की शुरुआत के दौरान 47% बारिश की कमी थी, जहां शुक्रवार को मानसून के अंत में तेज बारिश हुई। राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के सीनियर वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने कहा, 'यूपी में प्रवेश करने वाला इस मानसून सीजन में यह पहला लो प्रेशर सिस्टम था। इस मानसून में कुल 11 लो प्रेशर सिस्टम थे, लेकिन ये सभी यूपी से 300-400 किमी दक्षिण में चले गए, जिससे सूखे की स्थिति बनी थी। भारी बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहने का अनुमान है।'

यूपी में भारी बारिश से 6 जिलों में गिरे तमाम घर
उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश से लखनऊ सहित 6 जिलों में कच्चे मकान या निर्माणाधीन इमारतें ढह गई हैं। इसकी चपेट में आने से 20 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं। डरा देने वाली इन घटनाओं का सिलसिला शुक्रवार को सूबे की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ, जब सुबह साढ़े सात बजे शहर में एक निर्माणाधीन दीवार के ढहने से 9 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में मारे गए सभी 9 मृतक और 2 घायल झांसी जिले के निवासी हैं, जिनका ताल्लुक आदिवासी समुदाय से हैं।
 
लखनऊ के अलावा इन जिलों में भी हुए हादसे
इस घटना के थोड़ी देर बाद ही झांसी में दो मंजिला मकान ढहने से एक व्यक्ति की मौत होने और 2 अन्य के घायल होने की जानकारी प्रशासन द्वारा दी गई। इसके बाद उन्नाव, फतेहपुर, रायबरेली, प्रयागराज और सीतापुर में भी मकान ढहने की घटनाओं की सूचना एक-एक कर आती गई। इसके अलावा उन्नाव में 05, फतेहपुर में 03, झांसी में 01, रायबरेली में 01, प्रयागराज में 02 और सीतापुर में 01 व्यक्ति की मौत होने की पुष्टि हुई है। कन्नौज में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 01 व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, जनपद सोनभद्र में जहरीले सांप के काटने से मां और बेटी की मौत होने की जानकारी मिली है।

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