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सर्जिकल स्ट्राइक का विवरण साझा करना सेना की नीतियों के खिलाफ है। कांग्रेस को यदि सुबूत चाहिए, तो उसे पाकिस्तानियों से मांगना चाहिए।

 
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वायुसेना के पूर्व अधिकारी विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी ने कहा है कि गुलाम जम्मू-कश्मीर में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का किसी तरह का सुबूत देने के लिए भारतीय सेना बाध्य नहीं है। सरकार को पता है कि सर्जिकल स्ट्राइक का विवरण साझा करना सेना की नीतियों के खिलाफ है। कांग्रेस को यदि सुबूत चाहिए, तो उसे पाकिस्तानियों से मांगना चाहिए।

सेना नहीं देती है कोई सुबूत- प्रफुल्ल बख्शी
पूर्व विंग कमांडर ने कहा सेना कोई सुबूत नहीं देती है। सेना को कौन सा सुबूत देना चाहिए और क्यों देना चाहिए? यदि आप जानना चाहते हैं, तो पाकिस्तानियों से कहिए। यदि वे आपके मित्र हैं, तो आपको बताएंगे। यदि आपके मित्र नहीं हैं, तो नहीं बताएंगे। कोई भी व्यक्ति सेना को सुबूत देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।

ऐसा करना सेना की नीतियों के खिलाफ- प्रफुल्ल बख्शी
उन्होंने कहा यदि सरकार सुबूत देना चाहेगी, तो वह दे सकती है। सरकार यह भी जानती है कि ऐसा करना सेना की नीतियों के खिलाफ होगा। जिस स्थान को निशाना बनाया गया था, उसे पाकिस्तानियों ने चिह्नित कर दिया है। इसका कोई मतलब नहीं है कि कौन क्या कह रहा है? मुझे लगता है कि यह कोई सवाल ही नहीं है। मीडिया को इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए।

'सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान घुटनों पर आया'
प्रफुल्ल बख्शी के मुताबिक, सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है। यह सेना का कर्तव्य है कि वह किसी को कोई जवाब नहीं दे। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।

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