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Shimla Police का सर्कुलर जारी, मकान मालिक किराएदारों की करवाएं Police Verification

 
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शिमला : अब मकान मालिकों को अपने किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन करवानी होगी और पीजी संचालकों पर भी यही शर्त रहेगी। शिमला पुलिस ने अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए कुछ इस तरह का सर्कुलर जारी किया है। शिमला पुलिस प्रशासन की तरफ से जारी किए गए फरमान में साफ कहा गया है कि अब घर किराए पर देने वाले मकान मालिकों को किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन करवानी होगी। जिला पुलिस प्रशासन की तरफ से थाना व चौकी प्रभारियों को भी निर्देश दिए हैं कि अपने अपने संबंधित थाना या चौकी क्षेत्र में मकान मालिकाें को पीजी संचालकों को इस बारे में बताया जाए। पुलिस इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाए। यह भी कहा गया है कि वेरिफिकेशन के लिए लोगों को पुलिस थाने व चौकी में बुलाने की जरूरत नहीं।

मकान मालिकों को पीजी संचालकों को बताया जाए की वह अपने किराएदारों की हिमाचल पुलिस की वेबसाइट पर क्लिक कर वेरिफिकेशन करवा सकते हैं। पुलिस का तर्क अपराध पर अंकुश लगाने व असमाजिक तत्वों की जल्द पहचान करने में इससे मदद मिलेगी। बता दे कि जिला पुलिस की ओर से पूर्व में भी इस तरह की एडवाइजरी जारी की गई थी, लेकिन पुलिस ने कुछ समय तो वेरिफिकेशन करवाई। उसके बाद इस प्रक्रिया को बंद कर दिया। पुलिस ने भी इसमें ज्यादा सख्ती नहीं दिखाई। पुलिस ने मकान मालिकों और पीजी संचालकों से अपील की है कि जिम्मेदारी समझे और यह यवस्था बनाने में पुलिस का सहयोग करें। चूंकि कई मामले ऐसे सामने आते हैं जहां खुद मकान मालिक को यह ठीक से पता नहीं होता कि उनका किरायेदार कहां का है। मकान मालिक पुलिस के पास नौकरों, कर्मचारियों और किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन कराना जरुरी नहीं समझते हैं। पुलिस की ओर से इस संबंध में पहले भी कई बार सकरुलर जारी किए हैं।

पुलिस ने जिला में प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण करना किया शुरू

पुलिस ने जिला में प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। पुलिस के पास पंजीकृत मजदूरों की कुल संख्या 12947 है। इस महीने 355 मजदूरों का पंजीकरण हुआ है। इनमें कश्मीरी 735, बिहार निवासी 1230, झारखंड के 479, नेपाल के 5166 और अन्य 1504 हैं।

संजौली में छात्र बनकर लिया कमरा, निकला नकली नोट छापने वाला

शिमला शहर के संजौली में बीते दिनों हरियाणा पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया था। नकली नोट बनाने के आरोप में पुलिस ने इन्हें पकड़ा था। जांच में पता चला है कि इन्होंने कई नोट छापकर मार्केट में चला भी दिए थे। मकान मालिक को इसने बताया था कि वह विश्वविद्यालय में पढ़ता है। मकान मालिक ने इसकी प्रॉपर वेरिफिकेशन नहीं करवाई थी।

क्या कहते हैं शिमला जिला पुलिस अधीक्षक

शिमला जिला पुलिस अधीक्षक डा. मोनिका भुटुंगरू का कहना है कि मकान मालिक व पीजी संचालकों को अपने किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन करवाने के लिए कहा गया है। पुलिस के पास इसके लिए आना जरूरी नहीं है वह हिमाचल पुलिस की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी वेरिफिकेशन करवा सकते हैं।

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