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 बच्चों में मिट्टी के जरिए होने वाली कृमि जनित बीमारियों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की मदद से सर्वे शुरू

 
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 बच्चों में मिट्टी के जरिए होने वाली कृमि जनित बीमारियों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की मदद से सर्वे शुरू किया जा रहा है। यह सर्वे 18 दिसम्बर तक चलेगा। जिसके तहत चिह्नित स्कूलों के बच्चों का स्टूल ( मल) जांच के लिए लिया जायेगा। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक शुभा सिंह ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। इस सर्वे के लिए चुने गए 39 जिलों में अयोध्या भी शामिल किया गया है। 

बेसिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी पत्र के अनुसार परिषदीय स्कूलों में मिट्टी के जरिए फैलने वाले रोगों को लेकर बच्चों की सेहत की जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग बच्चों में होने वाली कृमि जनित बीमारियों का पता लगाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जिले स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग की भी मदद ले रहा है। 

स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी संस्था के लोग बच्चों के स्टूल (मल) के नमूने एकत्र करेंगे।  इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर देखा जाएगा कि कृमि से फैलने वाली बीमारियों के नियंत्रण की क्या स्थिति है? उसी यदि कोई बीमारी पहले से कम नहीं हुई है तो उसे खत्म करने के लिए नई दवाएं एवं कार्ययोजना तय की जाएगी।

सर्वे में यह भी देखा जायेगा कि पेट में कीड़ों को मारने के लिए एल्बेंडाजोल जैसी दवाएं देने का जो अभियान विगत दिनों स्कूलों में छेड़ा गया, उसका कितना असर हुआ? बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि आदेश प्राप्त हो गया है। प्रथम चरण में 1790 स्कूलों में से 600 स्कूलों में सर्वे और जांच का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। ब्लाक वार स्कूलों का निर्धारण कर सूची स्वास्थ्य विभाग और खंड शिक्षा अधिकारियों को दी जायेगी।

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