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सतना क्रेंदीय जेल में बंद कैदियों में प्रोफेशनल डिग्री लेने का क्रेज बढ़ रहा। इस सत्र में 59 कैदी उच्च शिक्षा  ग्रहण कर रहे हैं।

 
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मध्य प्रदेश की सतना जेल के 59 कैदी जेल से ही उच्च शिक्षा ले रहे हैं। भोज और इग्नू के माध्यम से कोई एमबीए कर रहा है तो कोई मास्टर इन सोशल वर्क की तैयारी कर रहा है। कुल मिलाकर 120 कैदी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। 

मध्य प्रदेश सरकार की मंशा है कि जेल की चार दीवारी में कैद बंदियों को समाज की मुख्य धारा में लाने का प्रयास किया जाए। जेल में बंद छोटे-बड़े अपराध में बंद कैदियों को पढ़ने के समान अवसर दिए जा रहे हैं। जेल के अंदर ही पठन पाठन की व्यवस्था की जा रही है। सतना क्रेंदीय जेल में भी यह प्रयास जारी है। यहां बंद कैदियों में प्रोफेशनल डिग्री लेने का क्रेज बढ़ रहा। इस सत्र में 59 कैदी उच्च शिक्षा  ग्रहण कर रहे हैं। ये शिक्षा भोज और इग्नू के माध्यम से मिल रही है।

बता दें कि सतना क्रेंदीय जेल में 2000 से ज्यादा बंदी हैं। कुछ सजायाफ्ता तो कुछ विचाराधीन बंदी। जेल सुधार विभाग की योजना के तहत  साक्षरता अभियान चल रहा है। ऐसे में यहां बंद बंदियों को पठन पाठन की सुविधा है। वर्तमान सत्र में यहां 59 बंदी उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं। एक कैदी एमबीए कर रहा है तो 12 बंदी ऐसे हैं जो रामचरित मानस से सामाजिक विकास में डिप्लोमा कर रहे हैं। कुछ ग्रामीण विकास पर डिप्लोमा कर रहे हैं तो कुछ एमएसडब्ल्यू कर रहे हैं। कई ऐसे भी बंदी हैं जो स्नातक की डिग्री लेना चाहते हैं। सतना क्रेंदीय जेल में ऐसे 120 बंदी हैं जो  पठन-पाठन कर रहे हैं। जेल के अंदर ही इन्हें पठन पाठन की सुविधा है। पठन सामग्री इन्हें मुक्त में मिलती है और एक शिक्षक की नियुक्ति है जो इन्हें उचित मार्गदर्शन करता है।   

सहायक जेल अधीक्षक राम कृष्ण चौरे ने बताया कि कैदियों का जीवन सुधारने के लिए उन्हें शिक्षा की ओर मोड़ना जरूरी है। जो कैदी पढ़ना चाहते हैं हम उन्हें पूरी मदद कर रहै हैं। शिक्षा ने उनका आने वाला जीवन सुधरेगा। अपराध में कमी आएगी। 

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