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सावन के निमित्त लोगों के बीच जबरदस्त उत्साह है. शिवालयों में ओम नम: शिवाय का जाप सुनाई दे रहा है

 
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 गुरुवार से सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है. महादेव के सबसे प्रिय माह सावन में श्रद्धालु बड़ी संख्या में शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं. बाबा भोलेनाथ के भक्तों द्वारा शिवालयों में जाकर उनकी पूजा अर्चना की जा रही है. हर हर महादेव और जय भोले के नारे से आसमान गूंज रहे हैं.

सावन के निमित्त लोगों के बीच जबरदस्त उत्साह है. शिवालयों में ओम नम: शिवाय का जाप सुनाई दे रहा है. सुबह से ही शिवमंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा. लोगों ने बाबा भोलेनाथ की पूजन-अर्चना की. मुंबई शहर व उपनगरों समेत आसपास के शहरों में 'हर-हर महादेव' की गूंज सुनाई देती रही. तमाम शिवालयों को फूल-मालाओं से सजाया गया है. शिव भक्त मंदिरों में बेलपत्र और कच्चे दूध से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने सुबह से ही लाइन में लगे थे. तमाम मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई. पूरा वातावरण भक्तिमय हो रखा है.


- बाबुलनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़
मुंबई का इष्ट देव मंदिर माना जाने वाला दक्षिण मुंबई के गिरगांव स्थित बाबुलनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई. मालूम हो कि इस मंदिर की ख्याति देशभर में है. यहां लाखों की संख्या में शिव भक्त दर्शन और अभिषेक करने के लिए आते हैं. श्री बाबूलाल मंदिर चैरिटिज ट्रस्ट द्वारा अन्य स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से मंदिर में जुटने वाली भीड़ को दर्शन सुलभ कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है. गावदेवी पुलिस द्वारा भी सुरक्षा को लेकर व्यापक प्रबंध किए गए हैं.


- सावन महीने का विशेष महत्व
भारतीय हिंदू धर्म में सावन महीने का विशेष महत्व माना जाता है. भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सावन के महीने में लोग तरह-तरह के यज्ञ-अनुष्ठान कराते हैं. कई लोग सावन के महीने में कांवड़ यात्रा भी निकालते हैं. सावन के महीने में सोमवार के दिन विशेष रूप से भगवान भोलेनाथ की पूजा-आराधना की जाती है. सावन के सोमवार का खास धार्मिक महत्व है. सावन का पवित्र महीना कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार यह महीना भगवान शिव को भी बेहद प्रिय है. इसलिए सावन में शिवजी की पूजा का विशेष महत्व है. इस महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा से उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है. भोलेनाथ के भक्त सावन में सोमवार का व्रत रखते हैं. वहीं कुछ भक्त भगवान शिव की कृपा पाने के लिए कांवड़ यात्रा भी करते हैं.

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