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 सोशल मीडिया पर हिन्दी फिल्मों की आलोचना के चलन को लेकर फिल्म अभिनेता वरुण धवन ने बुधवार को कहा

 
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 सोशल मीडिया पर हिन्दी फिल्मों की आलोचना के चलन को लेकर फिल्म अभिनेता वरुण धवन ने बुधवार को कहा कि हर दिन कथानक बदलने वाला यह माध्यम हर चीज का पैमाना नहीं हो सकता, लेकिन फिल्मकारों को दर्शकों की आवाज सुननी चाहिए।

धवन ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि सोशल मीडिया जो है, सो है। लेकिन सोशल मीडिया हर चीज का पैमाना नहीं हो सकता क्योंकि इस माध्यम के कथानक हर दिन बदलते रहते हैं। धवन से पूछा गया था कि क्या सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना के चलते हिन्दी सिनेमा के कर्ता-धर्ताओं को मौजूदा फिल्मों में भारतीय संस्कृति पर खास जोर देना पड़ रहा है या वे सच में जड़ों की ओर लौट रहे हैं?

अभिनेता ने कहा कि हमें उन दर्शकों की आवाज सुननी चाहिए जो टिकट खरीद कर सिनेमा देखने जाते हैं। वक्त मिलने पर मैं खुद सिनेमाघरों में जाकर फिल्में देख रहा हूं ताकि सीख सकूं कि दर्शक क्या चाहते हैं। धवन अपनी आगामी फिल्म भेड़िया के प्रचार के लिए निर्माता दिनेश विजन और सह अभिनेत्री कृति सेनन के साथ इंदौर आए थे। हिन्दी, तेलुगु और तमिल में बनी यह फिल्म 25 नवंबर को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है।

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