प्रभु भाव के भूखे हैं घी के नहीं "चक्कर चवन्नी का"
"चक्कर चवन्नी का"एक हास्य से भरपूर सामाजिक कॉमेडी फिल्म है, जो पैसों के पीछे भागती ज़िंदगी और कंजूसी की आदत पर तीखा लेकिन मज़ेदार व्यंग्य करती है।
कहानी घूमती है दानवीर नाम के एक बेहद कंजूस व्यक्ति के इर्द-गिर्द (जिसका किरदार अभिनेता जाहिद शाह निभा रहे हैं)। दानवीर के लिए ज़िंदगी में हर चीज़ का पैमाना सिर्फ़ पैसा है—एक-एक पैसे का हिसाब, हर खर्च से पहले सौ बार सोचना और दूसरों को बेवकूफ़ बनाकर पैसे बचाना उसका स्वभाव है।
कहानी में मोड़ तब आता है जब एक मामूली-सी चवन्नी दानवीर की ज़िंदगी में ऐसा “चक्कर” पैदा कर देती है कि वह लगातार हास्यास्पद और उलझनभरी परिस्थितियों में फँसता चला जाता है। यह चवन्नी उसे कभी लालच में डालती है, कभी उसकी कंजूसी का मज़ाक बनाती है और कभी समाज के सामने उसकी असली सच्चाई खोल देती है।
फिल्म में हँसी-मज़ाक के बीच यह सवाल उठाया गया है कि
क्या पैसा इंसान की जिंदगी से बड़ा हो सकता है?
और क्या कंजूसी अंत में फायदा देती है या अकेलापन?
लेखक अरविन्द दीक्षित के तेज़ संवाद,देसी माहौल, मज़ेदार किरदार और सामाजिक संदेश के साथ “चक्कर चवन्नी का” एक ऐसी कॉमेडी है जो हँसाते-हँसाते सोचने पर मजबूर कर देती है। इस फिल्म में मुख्य कलाकार,जाहिद शाह, जाह्नवी चौहान, प्रियोम गुज्जर, सुनीता चौहान ,रमेश गोयल,दीपू श्रीवास्तव,देव और अरविंद दीक्षित हैं।फिल्म का निर्माण दीक्षित फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले निर्माता अरविन्द दीक्षित और रमा दीक्षित ने किया है और निर्देशन डी पी सिंह देव के किया है छायांकन अकरम खान का है।
फिल्म 6 फरवरी को समस्त भारत में प्रदर्शित हो रही है।
संत कुमार गोस्वामी की रिपोर्ट

