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झेंग्झौ में आईफोन बनाने वाले फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी के प्लांट में सैकड़ों कर्मचारी सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए।

 
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चीन के आईफोन प्लांट में कड़ी कोरोना पाबंदियों को लेकर हिंसा शुरू हो गई है। झेंग्झौ में आईफोन बनाने वाले फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी के प्लांट में सैकड़ों कर्मचारी सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए। सोशल मीडिया पर इस हिंसा के कई वीडियो और फोटो भी सामने आ रहे हैं।ब्लूमबर्ग ने भी उन्हें मिले फोटोज और वीडियोज के आधार पर एक रिपोर्ट पब्लिश की है। इस रिपोर्ट में कहा गया कि कोरोना के चलते प्लांट में एक महीने से कड़ी पाबंदियां हैं। कर्मचारी खाने, दवा और सैलरी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।गार्ड्स ने वर्कर को लात से पीटा

ऐसे ही एक वीडियो में दिख रहा है कि कुछ वर्कर्स सफेद रंग के कपड़े पहने गार्ड से भिड़ गए। एक अन्य वीडियो में गार्ड जमीन पर लेटे एक वर्कर को लातों से पीटते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान फाइट-फाइट के नारे भी सुनाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में भीड़ बैरिकेड्स को पार कर आगे बढ़ गई और पुलिस कार को घेरकर जोर-जोर से चिल्लाते हुए वाहन को हिलाना शुरू कर दिया।वर्कर्स ने प्लांट मैनेजर से कहा- हमें मौत के मुंह में भेज रहे

एक अन्य वीडियो में नाराज वर्कर्स ने कॉन्फ्रेंस रूम में मैनेजर को घेर लिया। वो अपने कोविड टेस्ट पर सवाल उठा रहे थे। एक वर्कर ने कहा, 'मैं इस जगह को लेकर डरा हुआ हूं, हम सभी अब कोविड पॉजिटिव हो सकते हैं।' एक अन्य व्यक्ति ने कहा, 'आप हमें मौत के मुंह में भेज रहे हैं।' चश्मदीदों के मुताबिक, पेमेंट न होने और संक्रमण फैलने की आशंकाओं को लेकर ये विरोध शुरू हुआ है। कई वर्कर इसमें घायल हो गए हैं।2 लाख से ज्यादा वर्क फोर्स, ज्यादातर आइसोलेशन में हैं

इस आईफोन सिटी में 2 लाख से ज्यादा की वर्कफोर्स है। इनमें से ज्यादातर को आइसोलेशन में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इतना ही नहीं इन्हें लंबे समय से बेहद साधारण खाना मिल रहा है और दवाओं के लिए भी दूसरों पर निर्भर है। ऐसे में कई लोग पिछले महीने प्लांट से भाग गए। फॉक्सकॉन और स्थानीय सरकार ने अब नए कर्मचारियों को बुलाने के लिए ज्यादा मजदूरी और अच्छी वर्क कंडीशन का वादा किया है।वर्कर्स कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव से भी निराश

चीन की टेक रिपोर्टर वियोला झोउ ने कहा, वर्कर्स कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव से भी निराश हैं। उन्हें दो महीने काम करने के लिए 6,000 युआन बोनस देने का वादा किया गया था, लेकिन अब मैनेजमेंट ने कहा कि वर्कर्स को मार्च तक रहना होगा। अगर उन्हें कोविड हो जाता हैं और आइसोलेट कर दिया जाता है तो पैसा नहीं मिलेगा।उन्होंने ये भी कहा कि वर्कर्स को आलू और गोभी से बना खाना दिया जाता है। कुड़े को भी हॉल में ही जमा किया जा रहा है। वहीं असेंबली लाइन में कोविड और नॉन कोविड पेशेंट को एक साथ मिला देने की भी बात सामने आई है।

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