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चीन के मंसूबों पर फिर सकता है पानी !

 
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अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा से बौखलाया चीन भले ही ताइवान को घेरने के लिए एक बड़ी मिलिट्री एक्सरसाइज कर रहा है, लेकिन वो शायद ये भूल गया है कि इस वक्त प्रशांत महासागर में अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व में दुनिया की सबसे बड़ी नेवल एक्सरसाइज चल रही है. अमेरिका सहित 26 देशों की नौसेनाएं 'रिमपैक' एक्सरसाइज में हिस्सा ले रही है. खास बात ये है कि भारत की नौसेना और स्पेशल फोर्सेंज़ भी इस एक्सरसाइज में शिरकत कर रही हैं.

चीन के मंसूबों पर फिर सकता है पानी

ताइवान के मुख्य बंदरगाह और शिपिंग-लेन्स को ब्लॉक करने के इरादे से चीन की पीएलए (PLA) सेना की ईस्टर्न थियेटर कमांड ने ताइवान के आसपास दक्षिण चीन सागर में एक बड़ी मिलिट्री-एक्सरसाइज शुरू की है. इस युद्धाभ्यास का मकसद नैंसी पेलोसी को दक्षिण कोरिया की उड़ान भरने से रोकना भी है. क्योंकि समंदर में एक्सरसाइज के चलते किसी भी दूसरे देश के विमानों की उड़ान ताइवान से सटे समंदर में बेहद मुश्किल हो सकती है. लेकिन चीन के मंसूबों पर इसलिए पानी फिर सकता है क्योंकि इस वक्त प्रशांत महासागर में अमेरिका की इंडो-पैसेफिक कमान के नेतृत्व में दुनिया की सबसे बड़ी नेवल एक्सरसाइज चल रही है. ये एक्सरसाइज है रिमपैक यानी रिम ऑफ पैसेफिक. वैसे तो ये एक्सरसाइज पिछले 40 सालों से हर दो साल में प्रशांत महासागर में होती आई है, जिसमें अमेरिकी और अमेरिका के मित्र-राष्ट्रों की नौसेनाएं हिस्सा लेती हैं. मगर इस साल चीन-ताइवान विवाद के चलते ये बेहद अहम हो गई है.

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25 हजार सैनिक ले रहे हैं हिस्सा
रिमपैक-2022 (29 जून-4 अगस्त) में अमेरिका की नौसेना सहित कुल 26 देशों की नौसेनाएं हिस्सा ले रही हैं. इस एक्सरसाइज में अमेरिका के सेवंथ-फ्लीट के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक, यूएसएस अब्राहम लिंकन सहित कुल 38 युद्धपोत, तीन पनडुब्बियां, 30 से ज्यादा यूएवी, 170 मिलिट्री एयरक्राफ्ट और 25 हजार सैनिक हिस्सा ले रहे हैं.

युद्धाभ्यास में भारत की शिरकत
जिन देशों की नौसेनाएं इस रिमपैक में हिस्सा ले रही हैं उनमें 11 देश एशिया के हैं, पांच यूरोप के हैं, चार दक्षिण अमेरिका के हैं, तीन उत्तरी अमेरिका और तीन देश ओसेनिया के हैं. प्रमुख देशों में अमेरिका, आस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, यूनाईट किंगडम, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, थाईलैंड, मैक्सिको और पेरू शामिल हैं. भारतीय नौसेना का एक गाईडेड मिसाइल फ्रीगेट (युद्धपोत) आईएनएस सतपुड़ा और टोही विमान पी8आई हिस्सा ले रहे हैं. गौरतलब है कि पी8आई विमान को एंटी-सबमरीन वॉरफेयर में भी महारत हासिल है. इसके अलावा इस एक्सरसाइज में भारत, अमेरिका, जर्मनी और दक्षिण कोरिया की स्पेशल फोर्सेज़ (कमांडो) भी शिरकत कर रही हैं.

ताइवान के एयर-स्पेस में घुसा चीन
अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा से चीन बौखलाया हुआ है. इसीलिए उसने मंगलवार को भी ताइवान की एयर-स्पेस का उल्लंघन किया था. इस दौरान चीन के 21 मिलिट्री एयरक्राफ्टों ने ताइवान के बेहद करीब से उड़ान भरी थी. इनमें चीनी वायुसेना के 8 जे-11 लड़ाकू विमान, 10 जे-16 लड़ाकू विमान, एक अवैक्स टोही विमान, एक ईडब्लू और एक ईलइंट विमान शामिल था. मंगलवार की रात से शुरु हुई पीएलए के युद्धाभ्यास में लड़ाकू विमानों के अलावा युद्धपोत भी शामिल हैं.

अमेरिका पूरी तरह चौकन्ना
गौरतलब है कि यूक्रेन के खिलाफ स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन्स (यानि हमला) करने से पहले रूस ने भी यूक्रेन के बॉर्डर पर एक बड़ा युद्धाभ्यास कर अपनी सेना को मोबिलाइज किया था. यही वजह है कि चीनी पीएलए सेना के युद्धाभ्यास को भी पूरी दुनिया गंभीरता से ले रही है और अमेरिका पूरी तरह चौकन्ना है. 

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