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अजवाइन का काढ़ा फेफड़ों के लिए बहुत ज़्यादा फायदेमंद होता है। 

 
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बढ़ते पॉल्यूशन की वजह से हमारे स्वास्थ्य पर बेहद गहरा असर पड़ा है। हवा में फैले प्रदूषण की वजह से सबसे ज्यादा फेफड़ों और इम्यूनिटी पर असर पड़ा है। इसके अलावा लोग कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, जैसे- आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और लगातार खांसी होना। ऐसे में इस समय अपनी सेहत का ध्यान रखना हमारे लिए सबसे अहम है। अपनी सेहत के लिए और अपने फेफड़ों को मजबूत बनाए रखने के लिए आप इन आयुर्वेदिक काढ़ा का इस्तेमाल कर अपने आप को इस ज़हर भरे माहौल से सुरक्षित रख सकते हैं।

मुलेठी और दालचीनी का काढ़ा
ढाई सौ ग्राम दालचीनी, 500 ग्राम मुलेठी, ढाई सौ ग्राम लेमन ग्रास को एक साथ कूटकर उन्हें मिक्स कर लें। अब इस मिक्सचर में इलायची, तुलसी और गिलोय की पत्तियों को पीसकर मिला दें। अब रोज 2 कप पानी में काढ़े का ये पाउडर डालकर उबालें और छानकर पिएं। इसे पीने से आपकी इम्यूनिटी स्ट्रांग होगी और आपके आसपास कोई बीमारी नहीं फटेकगी। ये काढ़ा बलगम को कम करता है और फेफड़ों को हेल्दी रखता है।

अजवाइन के पत्ते का काढ़ा
अजवाइन का काढ़ा फेफड़ों के लिए बहुत ज़्यादा फायदेमंद होता है। दरअसल अजवाइन के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो आपके शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। इसलिए रोजाना सुबह या शाम के समय अजवाइन के पत्ते में गुड़ और काला नमक मिलाकर उसका काढ़ा बनाएं और इसे पिएं।

कच्ची हल्दी का काढ़ा
कच्ची हल्दी को गुणों की खान कहा जाता है, ये एंटी इंफ्लेमेटरी से भरपूर होता है। आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। ऐसे में कच्ची हल्दी का काढ़ा न केवल आपकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है बल्कि आपके फेफड़ों की भी देखभाल करता है। शरीर के सूजन में कमी लाता है और एलर्जी के लक्षणों को कम करता है।

लेमन ग्रास का काढ़ा
लेमन ग्रास के काढ़े को डिटॉक्सिफाइंग ड्रिंक कहा जाता है। इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाते हैं। लेमन ग्रास एलर्जेन के असर को कम कर सकता है, वहीं ये सूखी खांसी और अस्थमा के दूसरे लक्षणों पर कारगर तरीके से काम कर सकता है।

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