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अब शिक्षक भी देंगे परीक्षा, फेल होने पर नौकरी जाएगी; रजिस्ट्रेशन NIOS पोर्टल पर अनिवार्य

भोपाल बच्चों की परीक्षा लेने वाले शिक्षकों को भी अब परीक्षा देनी होगी और अगर इसमें फेल हुए तो उन्हें नौकरी से हाथ धोना होगा। दरअसल प्रदेश में पांच हजार शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। प्राइमरी स्कूलों में बतौर शिक्षक भर्ती हुए इन शिक्षकों को पहले ब्रिज कोर्स करना होगा। छह माह …
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भोपाल 
बच्चों की परीक्षा लेने वाले शिक्षकों को भी अब परीक्षा देनी होगी और अगर इसमें फेल हुए तो उन्हें नौकरी से हाथ धोना होगा। दरअसल प्रदेश में पांच हजार शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। प्राइमरी स्कूलों में बतौर शिक्षक भर्ती हुए इन शिक्षकों को पहले ब्रिज कोर्स करना होगा। छह माह का यह कोर्स नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआइओएस) करवाएगा। इसमें अगर फेल हो गए तो शिक्षक की नौकरी जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट का है निर्देश

प्रदेश में 94 हजार सरकारी स्कूल हैं। प्राइमरी कक्षा में 1.40 लाख शिक्षक हैं। इनमें से करीब पांच हजार ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति बीएड के आधार पर हुई। सुप्रीम कोर्ट से जारी निर्देश में पात्रता परीक्षा पास करना शिक्षकों को अनिवार्य हो गया। दो साल में भर्ती हुए ये शिक्षक इस दायरे में आ रहे हैं।

दायरे में आ रहे हैं ये शिक्षक

शिक्षकों को ब्रिज कोर्स कराने लोक शिक्षण संचालनालय से निर्देश जारी हुए हैं। इसके तहत हर जिले को ऐसे शिक्षकों को एनआइओएस के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना है। इसकी आखिरी तारीख 25 दिसंबर है। 6 माह का कोर्स पूरा कर शिक्षकों को सालभर में सार्टिफिकेट जमा कराना होंगे।
यह हैं निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को आदेश पारित किया था। इसके मुताबिक इस तारीख के बाद प्राइमरी स्कूलों मेें बीएड के आधार पर शिक्षकों की भर्ती मान्य नहीं होगी।

सेवा समाप्त हो सकती है

बीएड के आधार पर भर्ती प्राइमरी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स करना होगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन होना है। सभी जिलों को निर्देश जारी हुए हैं। एक साल में कोर्स पूरा न करने पर सेवाएं समाप्त की जा सकती है। – केके द्विवेदी, संचालक, लोक शिक्षण संस्थान

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