विकासखंड गोटेगांव के शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता एवं कर्तव्यों के प्रति उदासीनता के विरुद्ध विकासखंड शिक्षा अधिकारी सिद्धांत बागडे ने किया औचक निरीक्षण !
संवाददाता, विवेक सराठे मध्यप्रदेश
खबर मध्य प्रदेश जिला नरसिंहपुर विकासखंड गोटेगांव से है जहां पर अनियमितता पाए जाने पर वीभिन्न स्कूलों में की ठोस कार्रवाई वही कार्यवाही न केवल चर्चा का विषय बनी हुई है बल्कि विभाग में हड़कंप की स्थिति भी निर्मित हो गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों छात्र-छात्राओं एवं मीडिया के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए सहायक संचालक सह खंड शिक्षा अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसे अनेक विद्यालय हैं जिनके शिक्षक राजनीतिक संरक्षण का हवाला देते हुए विद्यालयों में अध्यनरत नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं एवं शासन से मोटी तनख्वाह घर बैठे लेकर राजकीय कोष को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। आश्चर्य जनक बात यह भी है बात यह भी है की वर्षों से एक ही विद्यालय में पदस्थ ऐसे शिक्षकों पर अब तक कोई कार्यवाही प्रस्तावित तक नहीं हो सकी है। अध्ययन छात्र-छात्राओं, जनप्रतिनिधियों,प्रशासनिक व्यवस्था एवं शासन की मंशा के अनुरूप कड़ा रुख अपनाते हुए उक्त अधिकारी ने छापामार शैली में विद्यालयों का निरीक्षण किया जिसमें गंभीर अनियमितताओं का होना पाया गया। शासकीय प्राथमिक शाला डोभ के प्रभारी प्रधान पाठक अतुल उपाध्याय बगैर किसी सूचना के 17 अप्रैल से 22 अप्रैल तक की स्थिति में कर्तव्य से अनुपस्थित पाए गए एवं उनके द्वारा बिगड़ दिनों की डेली डायरी भी संधारित नहीं पाई गई, शासकीय प्राथमिक शाला सुकरी ,चरगवा एवं बहरोड़ा में तो ताला लटका मिला जिसका स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार करते हुए दंडात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की गई। देगुआ की प्रधानपाठक आशा कोरी न केवल अनुपस्थित पाई गई बल्कि शाला संचालन में भी घोर अनियमितता पाई गई, शासन द्वारा प्राप्त राशि से छात्राओं के शौचालय की मरम्मत नहीं करवाई गई, ततसंबंध में भी दंडात्मक कार्यवाही प्रचलन में लाई गई। कारण बताओ नोटिस जारी कर जिन शिक्षकों पर कार्यवाही प्रस्तावित की गई है उनमें प्रधानपाठक अतरिया, शिक्षिका निर्मला विश्वकर्मा, प्रधानपाठक पिपरिया लाठगांव एवं पदस्थ शिक्षक राजेश पटेल, प्रधानपाठक दोभ एवं शिक्षक हेमराज सोनी है।
उक्त कार्यवाही से स्पष्ट संदेश है कि अब शिक्षा विभाग में छात्रहित सर्वोपरि है एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए जीरो टॉलरेंस होगा। खंड शिक्षा अधिकारी के साथ डी एल उइके प्राचार्य सर्रा, बीएसी दशरथ चढ़ार, जनशिक्षक वीरेंद्र सिंह छिरा एवं भूपेंद्र राजपूत निरीक्षण दल में शामिल रहे।

