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नामांतरण खारिज करने में लापरवाही या द्वेष? किसान की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों को नोटिस !

गलत अपील आदेश का हवाला देकर आवेदन निरस्त करने का आरोप, जांच के घेरे में राजस्व अमला 

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गलत अपील आदेश का हवाला देकर आवेदन निरस्त करने का आरोप, जांच के घेरे में राजस्व अमल



नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा तहसील अंतर्गत सीहोरा/करपगांव क्षेत्र में भूमि नामांतरण को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है, जिसमें एक किसान ने राजस्व अधिकारियों पर द्वेषपूर्ण एवं लापरवाहीपूर्ण कार्यवाही का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय जबलपुर का दरवाजा खटखटाया है। मामले में न्यायालय ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

याचिकाकर्ता नितिन आनंद शर्मा, पिता मनोज कुमार शर्मा, मूल निवासी मेरठ (उत्तर प्रदेश) एवं वर्तमान निवास राजमार्ग नरसिंहपुर, ने ग्राम कुसमी, पटवारी हल्का नंबर 139, राजस्व निरीक्षक मंडल सीहोरा, तहसील गाडरवारा स्थित भूमि खसरा नंबर 32/4/2, रकबा 0.538 हेक्टेयर, को विधिवत ई-पंजीकृत विक्रय पत्र दिनांक 30 जनवरी 2026 के माध्यम से विक्रेता मधु शुक्ला से क्रय किया था।

भूमि क्रय के उपरांत याचिकाकर्ता द्वारा नामांतरण हेतु आवेदन नायब तहसीलदार, सीहोरा/करपगांव के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह प्रकरण क्रमांक 0835/अ-6, वर्ष 2025-26 के अंतर्गत दर्ज हुआ। किंतु 13 फरवरी 2026 को पारित आदेश में नायब तहसीलदार श्रीमती चंदन तिवारी द्वारा आवेदन को खारिज कर दिया गया।

आरोप है कि उक्त आदेश में अतिरिक्त आयुक्त, जबलपुर के राजस्व अपील प्रकरण क्रमांक 0110/अपील/2025-26, दिनांक 29 जनवरी 2026 का हवाला दिया गया, जबकि यह प्रकरण पूरी तरह से अन्य पक्षकारों—राजेंद्र चंद्रवंशी एवं ग्राम खकरा चौरई, तहसील अमरवाड़ा—से संबंधित है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उनके प्रकरण का उस अपील से कोई लेना-देना नहीं है, इसके बावजूद जानबूझकर गलत संदर्भ देकर उनका नामांतरण आवेदन निरस्त कर दिया गया।

याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि नायब तहसीलदार द्वारा व्यक्तिगत द्वेष (वैयमनस्यता) के चलते उनके साथ अन्याय किया गया। इस निर्णय से आहत होकर उन्होंने अपने अधिवक्ता प्रखर तिवारी के माध्यम से उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका क्रमांक WP/12544/2026 दायर की।

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए मध्यप्रदेश शासन, कलेक्टर नरसिंहपुर, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) गाडरवारा, नायब तहसीलदार चंदन तिवारी एवं संबंधित पटवारी सोनाली हुंका, ग्राम कुसमी को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

इस घटनाक्रम के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट होगा कि नामांतरण निरस्तीकरण में वास्तव में त्रुटि थी या फिर जानबूझकर की गई कार्रवाई।

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