शिवराज जी का लाखों रुपये खर्च कर किया गया 24 घंटे का "स्वास

शिवराज जी का स्वास्थ्य आग्रह - खोदा पहाड़ निकली चुहिया , सिर्फ़ नौटंकी भरा इवेंट ? 

 
शिवराज जी का स्वास्थ्य आग्रह - खोदा पहाड़ निकली चुहिया , सिर्फ़ नौटंकी भरा इवेंट ?
शिवराज जी का लाखों रुपये खर्च कर किया गया 24 घंटे का "स्वास्थ्य आग्रह" सिर्फ पुरानी घोषणाओं को फिर से करने का मंच बना - नरेन्द्र सलूजा 


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने आज जारी बयान में आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री कोरोना महामारी के इस विकट, भीषण संकटकाल में जनता को भगवान भरोसे छोड़ , चुनौतियों का सामना करने की बजाय , ज़मीनी मैदान छोड़कर मिंटो हॉल में 24 घंटे के स्वास्थ्य आग्रह पर बैठ गये ? 
प्रदेश की जनता को बड़ी उम्मीद थी कि लाखों खर्च कर किए जाने वाले इस “स्वास्थ्य आग्रह “ से इस महामारी में प्रदेश को कुछ लाभ मिलेगा, प्रदेशवासियों का भला होगा, अस्पतालों में इलाज के लिए बेड उपलब्ध होंगे, गरीबों को मुफ्त इलाज मिलेगा, वैक्सीनेशन और टेस्टिंग को लेकर कोई कठोर निर्णय होंगे, ऑक्सीजन एवं कोरोना के इलाज में लगने वाली दवाइयों  की कमी को दूर करने को लेकर कोई ठोस कार्य योजना का ऐलान होगा लेकिन खोदा पहाड़ निकली चुहिया ? 


लाखों रुपए खर्च कर, पूरी सरकारी मशीनरी को ठप कर, शिवराज जी ने इस स्वास्थ्य आग्रह के मंच का उपयोग सिर्फ अपनी कई दिन पुरानी घोषणाओं को फिर से करने के लिए किया ? बड़ा शर्मनाक है कि एक वर्ष बाद भी शिवराज जी समाधान की बजाय सुझाव माँग रहे है ?


 टेस्टिंग की दर पहले ही कम हो चुकी है, चेस्ट स्कैन की दर पहले ही कम हो चुकी है, छत्तीसगढ़ की बसों को बैन करने का निर्णय हो चुका है , बेड बढ़ाने की बात पहले ही की जा चुकी है लेकिन मुख्यमंत्री ने अपनी सारी पुरानी घोषणाओं को इकट्ठा कर इस स्वास्थ्य आग्रह के मंच से वापस उन्हीं घोषणाओं का दोहरा दिया ? 
 ऐसा लग रहा है कि शायद 24 घंटे का यह स्वास्थ्य आग्रह प्रदेश के घोषणा वीर मुख्यमंत्री द्वारा अपनी पुरानी घोषणाओं को फिर से करने के लिए ही किया गया क्योंकि इस स्वास्थ्य आग्रह से प्रदेश को कोई लाभ नहीं हुआ , इस कोरोना महामारी में कोरोना पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस निर्णय नहीं हुए, यह सिर्फ एक इवेंट बनकर रह गया ? बेहतर होता कि अपनी पुरानी घोषणाओं को मुख्यमंत्री जी ऐसे ही दोहरा देते ताकि प्रदेश के खजाने पर इस स्वास्थ्य आग्रह से पड़ा लाखों रुपए का खर्च बच जाता और इन लाखों रुपए  से कई गरीबों का मुफ़्त इलाज हो जाता लेकिन एक नौटंकी भरा इवेंट आयोजित कर ,लाखों रुपए खर्च कर शिवराज सिंह जी ने यह बता दिया कि उनमें कोई संवेदनशीलता बची नहीं है और उनकी प्रचार की भूख अभी भी समाप्त नहीं हुई है।

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