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इटारसी की ऋषिका पटेल ने पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, 65 किग्रा वजन उठाकर बढ़ाया MP का गौरव

नर्मदापुरम हरियाणा के करनाल के कल्पना चावला ऑडिटोरियम में 28 से 30 नवंबर तक वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में इटारसी की रहने वाली ऋषिका पटेल ने पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल जीता. रॉ पावरलिफ्टिंग फेडरेशन रजिस्टर्ड इंडिया, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग यूनियन और ब्रिटिश पावरलिफ्टिंग फेडरेशन ने संयुक्त रूप से …
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नर्मदापुरम
 हरियाणा के करनाल के कल्पना चावला ऑडिटोरियम में 28 से 30 नवंबर तक वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में इटारसी की रहने वाली ऋषिका पटेल ने पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल जीता. रॉ पावरलिफ्टिंग फेडरेशन रजिस्टर्ड इंडिया, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग यूनियन और ब्रिटिश पावरलिफ्टिंग फेडरेशन ने संयुक्त रूप से इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन किया. इसमें भारत, इंग्लैंड और ब्रिटेन सहित कई देशों की टीमों ने हिस्सा लिया.

ऋषिका पटेल ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का मान
चैंपियनशिप में फुल पावरलिफ्टिंग, स्ट्रिक्ट कर्ल, बेंच प्रेस, डेडलिफ्ट, इक्विप्ड और अनइक्विप्ड रॉ जैसी विभिन्न कैटेगरी शामिल थीं. खिलाड़ियों ने युवा, टीन्स, जूनियर, सीनियर, मास्टर और फिजिकली डिसेबल्ड वर्गों में प्रतिस्पर्धा की. इसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर रविवार को इटारसी की ऋषिका पटेल ने देश और मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया.

48 किग्रा वेट कैटेगरी में 65 किग्रा उठाया वजन
ऋषिका ने सब-जूनियर 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 65 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान प्राप्त किया. उनके इस प्रदर्शन से भारतीय टीम के स्कोर को भी मजबूती मिली. ऋषिका ने मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है. ऋषिका ने सब-जूनियर 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 65 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान प्राप्त किया. उनके इस प्रदर्शन से भारतीय टीम के स्कोर को भी मजबूती मिली.

ऋषिका इटारसी पॉलिटेक्निक कॉलेज की छात्रा है. उनके पिता राकेश पटेल इटारसी के वरिष्ठ पत्रकार हैं. ऋषिका की इस उपलब्धि पर परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और खेलप्रेमियों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.

बहुत मेहनती खिलाड़ी हैं ऋषिका
ऋषिका के कोच ने बताया कि, ''वह एक मेहनती, अनुशासित और लक्ष्य पर केंद्रित खिलाड़ी है. उनके नियमित अभ्यास और फिटनेस रूटीन ने उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह सफलता दिलाई है. भविष्य में उसे राष्ट्रीय और एशियाई स्तर पर भी एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है.'' ऋषिका ने अपनी जीत का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और कॉलेज प्रबंधन को दिया. उन्होंने कहा कि, ''अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व का पल है.''

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